कोलकाता से दबोचा गया फुलवारी का लैंड माफिया नौशाद मलिक—STF और पटना पुलिस की सनसनीखेज़ खुलासा, अनवर हत्याकांड —6 महीने बाद STF ने कोलकाता से पकड़ा कातिल नौशाद, खुलेंगे राज़!
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कोलकाता से दबोचा गया फुलवारी का लैंड माफिया नौशाद मलिक—STF और पटना पुलिस की सनसनीखेज़ खुलासा, अनवर हत्याकांड
—6 महीने बाद STF ने कोलकाता से पकड़ा कातिल नौशाद, खुलेंगे राज़!
फुलवारी IPL सत्तेबाजी का (गेमिंग) का मुखिया नौशाद मालिक गिरोह का संचालन गिरफ्तार
अनवर आलम की हत्या: कब, कैसे और क्यों?
19 मई 2025 (सोमवार), सुबह करीब 9:30 बजे। यह दिनदहाड़े की घटना थी, जो पटना के फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के टमटम पड़ाव स्थित इमारत-ए-शरिया (एक प्रमुख मस्जिद कॉम्प्लेक्स) के ठीक सामने हुई।
पीड़ित की डिटेल्स: अनवर आलम (उम्र 65 वर्ष), एक प्रमुख जमीन कारोबारी (लैंड डीलर) थे। वे हारून नगर (फुलवारीशरीफ) के रहने वाले थे और स्थानीय स्तर पर भूमि खरीद-बिक्री के बड़े बिजनेस में सक्रिय थे। उनके खिलाफ भी कई जमीन विवाद चल रहे थे, लेकिन वे खुद कई माफिया गैंग्स के टारगेट पर थे।
घटना का पूरा विवरण:
अनवर अपने भतीजे सिम्मो के साथ बाइक पर सवार होकर नए घर से नोहसा मोड़ की ओर जा रहे थे।
इमारत-ए-शरिया के पास NH-98 पर दो बाइक सवार अपराधी (एक हेलमेट पहने, दूसरा नकाबपोश) ने उनकी बाइक को रोका और करीब से 4-5 गोलियां चला दीं। गोलियां अनवर के सीने और पेट में लगीं।
भतीजा सिम्मो बाल-बाल बच गया, लेकिन अनवर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत पटना AIIMS ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अपराधी बुलेट बाइक पर एम्स की ओर भागे। घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई—यात्री ऑटो से कूदकर भागे, और इलाके में दहशत फैल गई।
कारण: मुख्य रूप से भूमि विवाद। अनवर कई बड़े लैंड डील्स में शामिल थे, और स्थानीय माफिया गैंग्स (जैसे नौशाद मलिक और फारूक रजा का नेटवर्क) उनसे रंगदारी (एक्सटॉर्शन) वसूलना चाहते थे। FIR में 8-15 नामजद आरोपी बताए गए, जिनमें फारूक रजा मुख्य षड्यंत्रकारी था। पुलिस ने रेकी (सर्विलांस) की पुष्टि की—अपराधियों ने पहले से अनवर की रूट की टोह ले रखी थी।
तत्काल प्रभाव: उसी दिन (19 मई) फुलवारीशरीफ में 3 घंटे के अंदर दूसरी हत्या (बेउर थाना क्षेत्र में संजय यादव की) भी हो गई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। अनवर के परिवार ने न्याय की गुहार लगाई, और पुलिस ने FSL टीम बुलाकर साक्ष्य इकट्ठा किए (खोखे, CCTV फुटेज)।
2. तहकीकात और शुरुआती गिरफ्तारियां
FIR और जांच: अनवर की पत्नी ने फुलवारीशरीफ थाने में 15 नामजद अभियुक्तों (फारूक रजा, मोहम्मद इम्तियाज, मोहम्मद शाहरुख आदि) के खिलाफ BNS एक्ट के तहत BNS Section 103 (हत्या), 120B (षड्यंत्र) और आर्म्स एक्ट के तहत FIR दर्ज कराई।
पहली सफलताएं:
21 मई 2025: 3 आरोपी गिरफ्तार—मुख्य शूटर मोहम्मद शाहरुख (बाइक चलाने वाला), मोहम्मद इम्तियाज (नामजद)। इम्तियाज को सीधे जेल भेजा गया।
22 मई 2025: धनबाद (झारखंड) से 5 और गिरफ्तार, जिनमें मुख्य शूटर शामिल। हत्यारों ने 4 वाहनों (फोर-व्हीलर और टू-व्हीलर) का इस्तेमाल किया था। कुल 10 अन्य फरारों की तलाश शुरू।
STF की बड़ी कामयाबी: नौशाद मलिक की गिरफ्तारी
कैसे पकड़ा गया?: बिहार STF (स्पेशल टास्क फोर्स) और पटना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कोलकाता (पश्चिम बंगाल) से नौशाद मलिक को गिरफ्तार किया। वह फरार चल रहा था और कोलकाता में छिपा हुआ था। यह जॉइंट ऑपरेशन था, जिसमें पश्चिम बंगाल STF ने भी मदद की। नौशाद को पटना लाया गया, जहां से पूछताछ चल रही है।
नौशाद मलिक कौन है?: फुलवारीशरीफ का कुख्यात भू-माफिया,और फुलवारी IPL सत्तेबाजी का (गेमिंग) का मुखिया नौशाद मालिक गिरोह का संचालन
सुत्रो से खबर है फुलवारी में बड़े पैमाने पर आईपीएल सत्तेबाजी भी एप्लीकेशन के ज़रिये से आईपीएल गेम खेलवता है जिसे उसकी अवैध कमाई होता है।
बताया जा रहा है कि ये आईपीएल एक साल में करोड़ो की अवैध कमाई का ज़रिया है जो सरकार की नजर में नहीं है।
यह ममले की इनकम टैक्स और ईडी जांच का विषय है।
जिसके खिलाफ 10+ केस दर्ज हैं (हत्या, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट, लूट)। वह टॉप-10 अपराधियों की लिस्ट में शामिल था। अनवर हत्याकांड में उसका नाम अप्रत्यक्ष रूप से आया—वह जमीन विवादों का किंगपिन था और फारूक रजा के नेटवर्क से जुड़ा माना जाता है। पुलिस का मानना है कि नौशाद ने रंगदारी न देने पर अनवर को टारगेट करवाया।
संबंधित गिरफ्तारी: इसी कैंपेन में 19-20 नवंबर 2025 को फारूक रजा उर्फ डब्लू (AIMIM नेता, पाटलिपुत्र लोकसभा टिकट कैंपेनर) को नोहसा मोड़ से पकड़ा गया। उसके खिलाफ 9 केस (हत्या समेत)। AIMIM ने इसे "राजनीतिक साजिश" बताया, लेकिन पुलिस ने इसे कानून-व्यवस्था की बड़ी जीत कहा।
STF की इस कार्रवाई से फुलवारीशरीफ में माफिया गैंग्स पर ब्रेक लगी। वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने कहा, "यह गिरफ्तारी लैंड माफिया के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है।"
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