पटना पुलिस ने एक दारोगा पर शराब और बालू माफिया से गिफ्ट लेने के मामले में बड़ी कार्रवाई की हैदारोगा पर एसपी ने गिराई गाज
पटना पुलिस ने एक दारोगा पर शराब और बालू माफिया से गिफ्ट लेने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है
दारोगा पर एसपी ने गिराई गाज
पटना पुलिस में तैनात दारोगा विनोद कुमार पर गाज गिर गयी है. दारोगा पर बालू माफिया, शराब माफिया और आपराधिक प्रवृति के लोगों से गिफ्ट लेने के आरोप में कार्रवाई की गयी है. यह कार्रवाई पटना पश्चिमी के एसपी भानु प्रताप सिंह ने की.
"विभाग में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है. किसी भी स्तर पर नियमों के उल्लंघन या संदिग्ध आचरण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. वर्दीधारी अधिकारियों से अपेक्षित आचरण में किसी भी प्रकार की चूक पर कठोर कदम उठाए जाएंगे."
-भानु प्रताप सिंह, एसपी, पटना पश्चिमी
क्या है मामला?: एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक लेख प्रसारित किया गया था. लेख और तस्वीर के माध्यम से आरोप लगाया गया था कि तत्कालीन बिक्रम थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने अपनी विदाई समारोह के दौरान कुछ व्यक्तियों से उपहार लिए.
शराब-बालू माफिया से संबंध: एसपी के अनुसार ये ऐसे व्यक्ति हैं, जिनका संबंध शराब तस्करी, बालू माफिया और अपराध से अर्जित संपत्ति की जब्ती हेतु भेजे गए प्रस्तावों से था. मामला सामने आने के बाद एसपी ने स्वतः संज्ञान लेते हुए पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के निर्देश दिए
समारोह के लिए अनुमति नहीं ली: जांच में पाया गया कि विदाई समारोह के दौरान प्राप्त उपहारों की सूचना न तो सक्षम प्राधिकार को दी गई और न ही इसके लिए कोई पूर्व अनुमति ली गई. इस कारण नियमों का सीधा उल्लंघन माना गया है. उपहारों का मूल्यांकन अलग से कराए जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
कारण बताओ नोटिस: जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि तत्कालीन थानाध्यक्ष ने बिहार सरकार सेवक आचरण नियमावली, 1976 के नियम 14 का उल्लंघन किया है, जो सरकारी सेवकों द्वारा उपहार लेने से संबंधित है. इंस्पेक्टर विनोद कुमार के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है. साथ ही पूरे मामले में अग्रेतर कार्रवाई के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक पटना को अनुशंसा भेज दी गई है
क्या है नियम: एसपी कहते हैं कि बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 के नियम 15 के तहत किसी भी सरकारी सेवक द्वारा विदाई समारोह आयोजित करने के लिए सरकार की पूर्व स्वीकृति आवश्यक होती है. इस मामले में ऐसी कोई स्वीकृति नहीं ली गई थी.
गिफ्ट देने वालों पर मुकदमा दर्ज: जांच में पाया गया है कि उसे विदाई समारोह में तीन बड़े अपराधी किस्म के लोग भी उसमें शामिल थे, जिन पर कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं. यह भू माफिया बालू माफिया जैसे लोग हैं.
पटना पुलिस की इस कार्रवाई से हड़कंप मच गयी है |
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